राजेश जी, आजकल आप कहाँ गायब हो गये हैं। मालुम पड़ता है कि आप बड़े व्यस्त हैं। फिर भी मुझ जैसे आपकी लेखन-शैली के प्रशंसकों के लिये कुछ-न-कुछ ब्लॉग पर लिखते रहा करें। नयी प्रविष्टि की प्रतीक्षा में ......
लहर नई है अब सागर में रोमांच नया हर एक पहर में पहुँचाएंगे घर घर में दुनिया के हर गली शहर में देना है हिन्दी को नई पहचान जो भी पढ़े यही कहे भारत देश महान भारत देश महान । NishikantWorld
6 Comments:
samajh nahi aaya
In kaa aapas mein link nahin hai. Jo hai woh yeh ki ek hi tarike se kahi gai hein.
Pankaj
अरे लिंक नहीं आपस में तो क्या हुआ..बात अच्छी लिखी है!
टिप्पणी पर टिप्पणी लिखने वाले हे "अनामधारी" जीव! आप की टिप्पणी पर, "अनाम" का यह घूँघट रूपी आवरण हमें कत्तई अच्छा नहीं लग रहा।
आपने भी सुन रक्खा होगा, "जब नाचन हो, तो घूँघट कैसा ? "
-राजेश
(सुमात्रा)
राजेश जी, आजकल आप कहाँ गायब हो गये हैं। मालुम पड़ता है कि आप बड़े व्यस्त हैं। फिर भी मुझ जैसे आपकी लेखन-शैली के प्रशंसकों के लिये कुछ-न-कुछ ब्लॉग पर लिखते रहा करें। नयी प्रविष्टि की प्रतीक्षा में ......
लहर नई है अब सागर में
रोमांच नया हर एक पहर में
पहुँचाएंगे घर घर में
दुनिया के हर गली शहर में
देना है हिन्दी को नई पहचान
जो भी पढ़े यही कहे
भारत देश महान भारत देश महान ।
NishikantWorld
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